बल्लारी ग्रामीण थाने के वृत्त निरीक्षक पर कार्रवाई
डीजीपी ने जारी किया निलंबन आदेश
बल्लारी. अधिकारों के दुरुपयोग और अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने के आरोपों के बीच बल्लारी ग्रामीण पुलिस थाने के वृत्त निरीक्षक (सीपीआई) उदय रवि को निलंबित कर दिया गया है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डॉ. एम.ए. सलीम ने यह आदेश बल्लारी पुलिस अधीक्षक सुमन डी. पन्नेकर की जांच रिपोर्ट और अनुशंसा के आधार पर जारी किया है।
उदय रवि करीब एक वर्ष पूर्व बल्लारी ग्रामीण थाने में पदस्थापित किए गए थे। इस दौरान उनके खिलाफ अवैध खनिज भंडारण, अवैध मिट्टी परिवहन तथा संबंधित गतिविधियों को संरक्षण देने जैसे गंभीर आरोप सामने आए थे।
अवैध खनिज भंडारण में सहयोग का आरोप
आरोप है कि बल्लारी तालुक के हलकुंडी गांव क्षेत्र में अवैध रूप से खनिजों का भंडारण किया जा रहा था, लेकिन इसे रोकने के बजाय संबंधित गतिविधियों को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा दिया गया। मामला उजागर होने के बाद केवल औपचारिकता के तौर पर प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई का दिखावा किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।
मिट्टी परिवहन और वसूली के आरोप
कोलगल्लु गांव में तालाब से अवैध रूप से मिट्टी निकालकर ट्रैक्टरों के माध्यम से परिवहन किए जाने की शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। जांच के दौरान ट्रैक्टर मालिकों और ईंट-भ_ा संचालकों से धन उगाही के आरोपों का भी उल्लेख किया गया है।
एसपी की जांच में मिले प्रथम दृष्टया साक्ष्य
पुलिस अधीक्षक सुमन डी. पन्नेकर ने मामले की विस्तृत जांच कर विभिन्न दस्तावेजों, साक्ष्यों और संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए। जांच रिपोर्ट में आरोपों के समर्थन में प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार पाए जाने की बात कही गई है। इसके बाद विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई, जिस पर डीजीपी ने निलंबन का आदेश जारी किया।
विभागीय जांच जारी रहेगी
निलंबन आदेश में कहा गया है कि कानून लागू करने और अवैध गतिविधियों को रोकने की जिम्मेदारी निभाने के बजाय यदि कोई अधिकारी ऐसे कार्यों को संरक्षण देता है, तो यह गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। आदेश में अधिकारों के दुरुपयोग, कर्तव्य में लापरवाही और विभाग की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाले आचरण का भी उल्लेख किया गया है।
उदय रवि के खिलाफ विभागीय जांच जारी रहेगी और अंतिम रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को पुलिस विभाग द्वारा भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
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