43 हजार से अधिक लाभार्थी प्रभावित
विधवा, वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशन के भुगतान में कई महीनों से बाधा
पात्र लोगों को अगले माह से बकाया राशि मिलने की उम्मीद
हुब्बल्ली. राज्य सरकार की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत मिलने वाली विधवा, दिव्यांग, संध्या सुरक्षा और वृद्धावस्था पेंशन का भुगतान पिछले चार-पांच महीनों से राज्य के करीब 16 लाख लाभार्थियों को नहीं हो पाया है। इनमें धारवाड़ जिले के 43,206 लाभार्थियों को अपात्र श्रेणी में चिह्नित किए जाने के कारण पेंशन का भुगतान रुका हुआ है।
सत्यापन प्रक्रिया से बढ़ी परेशानी
जिले में कुल 49,827 लाभार्थी हैं, जिनमें से अधिकांश को पिछले कुछ महीनों से पेंशन नहीं मिली है। पात्र और अपात्र लाभार्थियों को लेकर उत्पन्न स्थिति के बीच सरकार पिछले एक महीने से सर्वेक्षण अभियान चला रही है। लाभार्थी स्वयं ग्राम पंचायतों और तहसील कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद 5,570 पात्र लाभार्थियों को अगले महीने से बकाया सहित पेंशन मिलने की संभावना जताई जा रही है।
बुजुर्गों और दिव्यांगों के सामने संकट
पेंशन बंद होने से उन बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवाओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जिनकी आजीविका का प्रमुख आधार यही राशि थी। कई लाभार्थी दवाइयों और इलाज के लिए इसी धन पर निर्भर थे। अब बड़ी संख्या में लोग आवश्यक दवाएं खरीदने में भी कठिनाई का सामना कर रहे हैं।
इन कारणों से रुका भुगतान
सरकारी सूत्रों के अनुसार, सत्यापन के दौरान लाभार्थी का निर्धारित पते पर नहीं मिलना, परिवार के किसी सदस्य द्वारा आयकर का भुगतान, लंबे समय तक बैंक खाते में जमा पेंशन राशि नहीं निकालना, ई-केवाईसी या जीवित प्रमाण पत्र जमा नहीं करना तथा परिवार के सदस्यों द्वारा वाहन या संपत्ति खरीदने जैसी स्थितियों के कारण भी पेंशन रोक दी गई हो सकती है।
शिकायत होने पर होगी तत्काल सुनवाई
सरकार ने पात्र लाभार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए वीआरआई अधिकारियों की नियुक्ति की है। ये अधिकारी घर-घर जाकर दस्तावेजों का सत्यापन कर रहे हैं। यदि लाभार्थी जीवित है और किसी तकनीकी कारण से भुगतान रुका है, तो पेंशन पुन: शुरू की जा रही है। लाभार्थी स्वयं ग्राम पंचायत अथवा तहसील कार्यालय जाकर भी अपनी समस्या का समाधान करा सकते हैं।
सरकार किसी के साथ अन्याय नहीं करेगी : तहसीलदार
तहसीलदार महेश गस्ती ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी पात्र लाभार्थी को वंचित करना नहीं है। तकनीकी या दस्तावेजी कारणों से कुछ लोगों को पेंशन नहीं मिल पाई है। ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी के साथ अन्याय न हो।
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