तुअर की बढ़वार रुकी, कपास में फूल-फल नहीं
गन्ने पर कीट का प्रकोप, किसान चिंतित
विजयपुर: सिंदगी तालुक में मानसून की बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश की कमी से तुअर और कपास की फसलें प्रभावित हुई हैं, जबकि गन्ने पर कीट का प्रकोप किसानों के लिए नई मुसीबत बन गया है। खेतों में फसलें हरी दिखाई दे रही हैं, लेकिन उनमें अपेक्षित बढ़वार, फूल और फल नहीं आने से उत्पादन को लेकर आशंका बनी हुई है।
आहेरी गांव के प्रगतिशील किसान भागप्पगौड़ा पाटील ने कहा कि कपास की फसल आधी-अधूरी बढक़र खड़ी है। देखने में खेत हरा दिखाई देता है, लेकिन उसमें न तो फलियां हैं और न ही फूल।
किसान गंगाधर चिंचोळी ने कहा कि पिछले साल अधिक बारिश ने परेशान किया था, इस साल बारिश नहीं होने से परेशानी है। उनके अनुसार छह एकड़ में बोई गई तुअर के अच्छी उपज देने की संभावना कम है, जबकि छह महीने पुराना गन्ना भी अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंचा है।
किसान प्रभुलिंग लोणी ने बताया कि चार एकड़ 30 गुंठे में बोई गई तुअर एक फुट भी नहीं बढ़ी है। खेत में केवल खरपतवार उगा है और फसल पूरी तरह नष्ट होने के लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
80 प्रतिशत क्षेत्र में ही बुवाई
तालुक में कुल 73,873 हेक्टेयर कृषि भूमि में से 59,087 हेक्टेयर में ही बुवाई हुई है। व्यावसायिक फसलों के लिए निर्धारित 40,961 हेक्टेयर के मुकाबले 39,414 हेक्टेयर में बुवाई हुई है। सूखी भूमि में तुअर की बुवाई 16,300 हेक्टेयर तथा सिंचित क्षेत्र में 1,700 हेक्टेयर में हुई है। कपास की बुवाई सिंचित क्षेत्र में 25,812 और सूखी भूमि में 3,069 हेक्टेयर में हुई है।
तुअर और कपास को बारिश की जरूरत
मानसून में बारिश की कमी हुई है। सूखी भूमि की तुअर और कपास को बारिश की जरूरत है। सिंचित क्षेत्र की फसलों को फिलहाल परेशानी नहीं है।
–प्रशांत साणे, सहायक कृषि निदेशक, सिंदगी
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