राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे बने पारंपरिक स्थल को नुकसान पहुंचाने, पुलिस पर हमले और अफवाहों के बाद प्रशासन अलर्ट
धारा 163 लागू, 300 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
कारवार/भटकल (उत्तर कन्नड़). उत्तर कन्नड़ जिले के भटकल स्थित वेंकटापुर क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-66 के किनारे बने “मुरिनकट्टे” को लेकर विवाद के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई है। घटना के बाद पुलिस ने अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया है तथा चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। प्रशासन ने एहतियातन भटकल और जाली नगर पंचायत क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर भारी पुलिस बंदोबस्त किया है।
विवाद उस समय शुरू हुआ जब राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण कार्य के दौरान हटाए गए पारंपरिक “मुरिनकट्टे” के पुनर्निर्माण का प्रयास किया गया। स्थानीय हिंदू संगठनों और नागरिकों की मांग पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पास में वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया था। रविवार सुबह हिंदू जागरण वेदिके और अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने श्रद्धा के साथ वहां निर्माण कार्य शुरू किया।
हालांकि, राजमार्ग किनारे सार्वजनिक स्थान पर निर्माण को लेकर दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। देर रात बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और निर्माणाधीन संरचना को नुकसान पहुंचाया। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ।
स्थिति नियंत्रण के लिए पहुंचे पुलिस अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की और हमले की भी घटना सामने आई। पुलिस के अनुसार, भीड़ को तितर-बितर करने के बाद देर रात दोबारा निर्माण करने पहुंचे कुछ लोगों को भी हिरासत में लिया गया।
मेंगलूरु रेंज के आईजीपी अमित सिंह ने बताया कि मुरिनकट्टे को नुकसान पहुंचाने, पुलिस पर हमला करने, राजमार्ग अवरुद्ध करने, उपद्रव फैलाने तथा सोशल मीडिया पर भडक़ाऊ वीडियो प्रसारित करने सहित विभिन्न आरोपों में चार मामले दर्ज किए गए हैं।
जिला पुलिस अधीक्षक दीपन ने कहा कि मुरिनकट्टे पूरी तरह सुरक्षित है और उसके ध्वस्त होने की अफवाहें झूठी हैं। किसी प्रकार का बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
उत्तर कन्नड़ की जिलाधिकारी के. लक्ष्मी प्रिया ने स्पष्ट किया कि “मुरिनकट्टे” कोई मंदिर भवन नहीं, बल्कि देवी की होरे (भार) रखने का पारंपरिक स्थल है। उन्होंने बताया कि मूल स्थान को यथावत रखा जाएगा तथा नव-निर्मित संरचना को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 9 केएसआरपी टुकडिय़ां, 3 डीएआर टुकडिय़ां और 300 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भडक़ाऊ संदेश साझा न करने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
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