सरकारी पूर्व प्राथमिक शिक्षा को मजबूती

बच्चों को सप्ताह में 5 दिन दूध और 6 दिन अंडा-केला मिलेगा

 जिले को 89 नई पूर्व-प्राथमिक स्कूलों की मंज़ूरी

चित्रदुर्ग. सरकारी प्राथमिक शिक्षा को सशक्त करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने इस शैक्षणिक सत्र में 3,837 नई पूर्व-प्राथमिक (एलकेजी-यूकेजी) स्कूलें शुरू करने का निर्णय लिया है। फिलहाल राज्य में 2,619 स्कूलें संचालित हैं, जिनमें 90,195 बच्चों ने प्रवेश लिया है और अभिभावकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।

2025-26 के बजट में 5,000 स्कूल खोलने की घोषणा की गई थी। उसी के अंतर्गत शिक्षा विभाग ने दूसरे चरण में 3,837 नई स्कूलों को मंज़ूरी दी है। इनमें समग्र शिक्षा योजना से 1,496, कल्याण कर्नाटक बोर्ड से 1,119 और मैग्नेट स्कूल मॉडल के तहत 1,706 स्कूलें शामिल हैं।

सरकार ने इन स्कूलों में पोषण योजनाओं का विस्तार करते हुए दूध, अंडा और केला उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। प्रत्येक बच्चे को औसतन 418 कैलोरी और 8.7 ग्राम प्रोटीन युक्त भोजन मिलेगा। सप्ताह में पांच दिन दूध और छह दिन अंडा-केला दिया जाएगा।

प्रत्येक स्कूल में एक शिक्षिका और एक आया की नियुक्ति होगी। शिक्षिका को 12,000 रुपए और आया को 6,250 रुपए मानदेय मिलेगा। प्रत्येक कक्षा में अधिकतम 40 बच्चों की सीमा तय की गई है।

चित्रदुर्ग जिले में कुल 89 नई स्कूलों को मंज़ूरी मिली है। चल्लकेरे में 21, मोलकालमूरु में 14, चित्रदुर्ग में 16, होसदुर्ग में 4, हिरियूर में 18 और होललकेरे में 15 को मंज़ूरी मिली है।

बच्चों की संख्या घटेगी

इन स्कूलों के शुरू होने से सरकारी प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी और विद्यालय छोडऩे वाले बच्चों की संख्या घटेगी।
केएस सुरेश, बीईओ, चल्लकेरे

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