भीषण गर्मी में वन्यजीवों को राहत: कृतिम जलकुंड बने सहारामुंडरगी तालुक के कप्पतगुड्डा वन क्षेत्र में निर्मित कृतिम जलकुंड में पानी भरते वन कर्मी।

कप्पतगुड्डा जंगल में 30 से अधिक पानी के टैंक

प्यासे पशु-पक्षियों को मिल रहा जीवनदान

गदग. जिले के मुंडरगी और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती गर्मी ने इंसानों के साथ-साथ वन्यजीवों की भी हालत खराब कर दी है। दिन में तेज धूप और रात में उमस के कारण जंगलों में रहने वाले पशु-पक्षी पानी के लिए भटक रहे हैं।

गदग, मुंडरगी और शिरहट्टी तालुक में फैले कप्पतगुड्डा के विस्तृत जंगल में हजारों वन्यजीव और पक्षी निवास करते हैं। लेकिन गर्मी के कारण जंगल के प्राकृतिक जलस्रोत-तालाब और नाले सूख चुके हैं, जिससे पानी का संकट गहरा गया है।

इस समस्या को देखते हुए वन विभाग ने पहल करते हुए जंगल के विभिन्न स्थानों पर कृतिम जलकुंड (पानी के टैंक) बनाए हैं। इन जलकुंडों को हर 15 दिन में ट्रैक्टर के माध्यम से पानी से भरा जा रहा है, जिससे वन्यजीवों को राहत मिल रही है।

डोणी, शिवाजीनगर, हिरेवड्डट्टी, चिक्कवड्डट्टी, हारोगेरी, बागेवाड़ी, मुरुडी और हम्मिगी जैसे क्षेत्रों में 30 से अधिक जलकुंड बनाए गए हैं। इन स्थानों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में हिरण, चीतल, लकड़बग्घा, भेडिय़ा, लोमड़ी, खरगोश, जंगली सूअर, मोर और अन्य पक्षियों के झुंड पानी पीते हुए कैद हुए हैं।

वन विभाग की इस पहल को पर्यावरण प्रेमियों ने सराहा है। उनका कहना है कि इस तरह के प्रयास गर्मी के मौसम में वन्यजीवों के संरक्षण के लिए बेहद जरूरी हैं और इससे जंगलों का पारिस्थितिक संतुलन भी बना रहता है।

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By Bharat Ki Awaz

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