बेलगावी को लेकर बढ़ा विवादबेलगावी में कर्नाटक समर्थक प्रस्ताव पारित करने की मांग को लेकर बेंगलूरु में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र को ज्ञापन सौंपता कन्नड़ संगठनों का प्रतिनिधिमंडल।

कर्नाटक समर्थक प्रस्ताव पारित करने की मांग तेज

प्रस्ताव मंजूर नहीं होने पर महानगर निगम भंग करने की चेतावनी

विजयेंद्र से मिला कन्नड़ संगठनों का प्रतिनिधिमंडल

बेलगावी. “बेलगावी कर्नाटक का अभिन्न अंग है” इस आशय का एक पंक्ति वाला प्रस्ताव बेलगावी महानगर निगम में पारित कराने की मांग अब राज्य की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बनती जा रही है। 26 मार्च से बेलगावी में आंदोलन चला रहे कन्नड़ समर्थक संगठनों का आक्रोश शुक्रवार को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र तक पहुंच गया।

कर्नाटक रक्षणा वेदिके शिवरामेगौड़ा गुट के प्रदेशाध्यक्ष एल. शिवरामेगौड़ा ने बेंगलूरु में विजयेंद्र से मुलाकात कर बेलगावी महानगर निगम में हुई घटनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने मांग की कि भाजपा स्तर पर महापौर और उपमहापौर को स्पष्ट निर्देश देकर कर्नाटक समर्थक प्रस्ताव पारित कराया जाए।

करवे नेताओं के अनुसार, विजयेंद्र ने आश्वासन दिया कि भाजपा कन्नड़ भाषा, भूमि और सीमा हितों के मुद्दे पर प्रतिबद्ध है तथा बेलगावी मामले में वे हस्तक्षेप करेंगे।

दूसरी ओर, राज्य के कई प्रमुख साहित्यकारों, चिंतकों और कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ताओं ने भी महानगर निगम के रवैये की आलोचना की है। डॉ. के. मरुलसिद्धप्पा, डॉ. जी. रामकृष्ण, प्रो. एस.जी. सिद्धरामय्या, डॉ. विजय जांगेरे सहित कई बुद्धिजीवियों ने “बेलगावी कर्नाटक का अभिन्न अंग है” प्रस्ताव पारित करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि महाजन आयोग द्वारा दशकों पहले ही बेलगावी को कर्नाटक का हिस्सा घोषित किए जाने के बावजूद जनप्रतिनिधियों का इस ऐतिहासिक और भावनात्मक सत्य को न समझना दुर्भाग्यपूर्ण है। कन्नड़ हितों के प्रश्न पर महानगर निगम का “जानबूझकर मौन” रहना शर्मनाक बताया गया।

कन्नड़ संगठनों ने आरोप लगाया कि बेलगावी महानगर निगम में भाजपा का शासन होने के बावजूद महापौर और उपमहापौर कानूनी कारणों का हवाला देकर कर्नाटक समर्थक प्रस्ताव पारित करने से बच रहे हैं। संगठनों ने कहा कि पूर्व में महाराष्ट्र एकीकरण समिति के प्रभाव वाले कार्यकाल में “बेलगावी महाराष्ट्र में शामिल हो” जैसे प्रस्ताव लाए गए थे, लेकिन अब कर्नाटक समर्थक प्रस्ताव पर हिचकिचाहट दिखाना राज्यविरोधी मानसिकता दर्शाता है।

संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल यह प्रस्ताव पारित नहीं किया गया तो राज्य सरकार पर बेलगावी महानगर निगम को सुपरसीड करने के लिए दबाव बनाया जाएगा।

विजयेंद्र से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में करवे बेंगलूरु शहर अध्यक्ष शंकर, समर सेना अध्यक्ष जगदीश गौडर, राज्य मीडिया संयोजक जयकुमार, युवा इकाई अध्यक्ष कन्नड़ कुमार तथा छात्र इकाई अध्यक्ष येलहंका गुरु समेत कई पदाधिकारी शामिल थे।

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