12 करोड़ रुपए की परियोजना को मंत्रिमंडल की मंजूरी
उत्तर कर्नाटक के 13 जिलों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
बेंगलूरु/रायचूर। कर्नाटक मंत्रिमंडल ने रायचूर स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना को मंजूरी दे दी है। पांच वर्षों में 12 करोड़ रुपए की लागत से विकसित होने वाला यह केंद्र उत्तर कर्नाटक के 13 जिलों के लिए क्षेत्रीय एआई हब के तौर पर कार्य करेगा।
परियोजना के लिए 5 करोड़ रुपए वर्ष 2026-27 के बजट प्रावधान से तथा शेष 7 करोड़ रुपए लीप कार्यक्रम के तहत उपलब्ध कराए जाएंगे। राज्य सरकार का उद्देश्य बेंगलूरु केंद्रित तकनीकी विकास के असंतुलन को कम करते हुए द्वितीय और तृतीय श्रेणी के शहरों में शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को नई गति देना है।
कृषि से स्वास्थ्य तक मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा कि यह केंद्र कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) तथा प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों का विकास करेगा।
परियोजना के तहत अत्याधुनिक एआई प्रयोगशालाएं, उच्च क्षमता वाले कंप्यूटिंग संसाधन, प्रोटोटाइप विकास, कौशल प्रशिक्षण, स्टार्टअप इन्क्यूबेशन, नवाचार को बढ़ावा देने वाली सुविधाएं तथा क्षेत्रीय विस्तार कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से शुरू किए जाएंगे।
उत्तर कर्नाटक बनेगा एआई नवाचार का केंद्र
सूचना प्रौद्योगिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि इस पहल से रायचूर और समूचा उत्तर कर्नाटक कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित होगा। इससे विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप उद्यमियों और उद्योगों को वैश्विक स्तर की सुविधाएं और नए अवसर उपलब्ध होंगे। सरकार का मानना है कि यह केंद्र क्षेत्र में तकनीकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ रोजगार और नवाचार के नए आयाम भी स्थापित करेगा।
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