कर्नाटक में आंधी-तूफान का कहरबारिश से आकाश में चमकती बिजली।

आकाशीय बिजली से 2 की मौत, कई जगह भारी नुकसान

रायचूर, धारवाड़, राणेबेन्नूर, यादगीर और उडुपी में तेज बारिश-तूफान से जनजीवन प्रभावित

हुब्बल्ली. कर्नाटक के विभिन्न जिलों में रविवार शाम आई तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई। रायचूर और धारवाड़ जिलों में बिजली गिरने से एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई स्थानों पर मकानों, दुकानों और सार्वजनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा।

ट्रैक्टर में खाद भरते समय किसान की मौत

रायचूर जिले के लिंगसुगूर तालुक के कोमलापुर गांव में तेज बारिश और तूफान के दौरान ट्रैक्टर में खाद भर रहे करियप्पा अय्यप्पा गणिकिहाल (47) पर आकाशीय बिजली गिर गई। घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया।

खेत में काम कर रही महिला पर गिरी बिजली

धारवाड़ जिले के कवलगेरी गांव में पति के साथ खेत में मेथी निकालने गई जयश्री हनमंतप्पा शिरसंगी (29) की बिजली गिरने से मौत हो गई। उनके पति हनमंतप्पा शिरसंगी (31) भी घायल हुए हैं। महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। तहसीलदार समेत अधिकारियों की टीम ने गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

 

कर्नाटक में आंधी-तूफान का कहर
बारिश से नालियां और ड्रेनेज भरने से सडक़ों पर बहता पानी।

 

राणेबेन्नूर में सडक़ें बनीं तालाब

राणेबेन्नूर शहर और तालुक में रविवार शाम करीब 4 बजे शुरू हुई तेज बारिश और आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। लगातार चार घंटे तक हुई बारिश से नालियां और ड्रेनेज भर गए तथा बारिश का पानी सडक़ों पर बहने लगा।

नेहरू मार्केट के पास स्थित दुर्गा सर्कल पूरी तरह जलमग्न हो गया। सडक़ें तालाब में तब्दील होने से कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।

सब्जियां और फल बह गए

अचानक सडक़ों पर पानी भरने से फुटपाथ पर रखे फल और सब्जियां बारिश के पानी में बह गए, जिससे छोटे व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। दुर्गा सर्कल और गुत्तल रोड स्थित कई आभूषण दुकानों में भी नाले का पानी घुस गया।

स्थानीय व्यापारियों ने नगर परिषद और राज्य राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बंद नालों और अतिक्रमित शहरी नालों के कारण हर बारिश में शहर डूब जाता है।

 

कर्नाटक में आंधी-तूफान का कहर
यादगीर में शादी महल की गिरी छत।

 

यादगीर में शादी महल की छत गिरी, बड़ा हादसा टला

यादगीर जिले के केंभावी कस्बे में रविवार शाम आए भीषण तूफान ने भारी तबाही मचाई। यहां एसबीएच शादी महल की पूरी छत तेज हवा में उडक़र गिर गई। घटना के समय शादी समारोह चल रहा था और करीब 100 लोग परिसर में मौजूद थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक आसमान में अंधेरा छा गया और तेज तूफान शुरू हो गया। देखते ही देखते शादी महल की लोहे की बीम और छत की चादरें सैकड़ों मीटर दूर जा गिरीं। गनीमत रही कि अधिकांश लोग उस समय बाहर थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

60 लाख रुपए से अधिक का नुकसान

प्राथमिक अनुमान के मुताबिक शादी महल की छत, लोहे के पिलर, लाइटिंग और फर्नीचर समेत करीब 60 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं।

इसी दौरान केंभावी के मुख्य बाजार क्षेत्र में खड़ी कई बाइकें तेज हवा से गिर गईं, जबकि ठेला और फुटपाथ दुकानदारों की प्लास्टिक शेड उड़ गईं।

बिजली का खंभा गिरने से युवक घायल

यादगीर शहर के एक वार्ड में तेज हवा के कारण बिजली का खंभा गिर गया, जिससे एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उडुपी में भी तेज बारिश और पेड़ गिरने से नुकसान

उडुपी जिले के कई हिस्सों में रविवार रात तेज हवा, बिजली और गरज के साथ बारिश हुई। उडुपी शहर, मणिपाल, पर्कला, आत्राडी और हिरियडका समेत कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।

कुंदापुर, सिद्धापुर, शंकरनारायण, कोटेश्वर और बसरूर क्षेत्रों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से मकानों को नुकसान पहुंचा।

मकानों पर गिरे पेड़

कापु, कार्कला और बयंदूर तालुक में घरों पर पेड़ गिरने से 90 हजार रुपए से अधिक का नुकसान हुआ। कापु के सुंदर, कार्कला के लक्ष्मी और बयंदूर के सुब्रह्मण्य गाणिग के मकानों को भारी क्षति पहुंची है।

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By Bharat Ki Awaz

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