62 कैमरों की निगरानी में जैन मंदिर में 12 लाख की चोरी

मुख्य दरवाजा तोडक़र घुसे तीन नकाबपोश

साढ़े तीन लाख नकद, सवा दो किलो चांदी और गहने ले गए

मंदिर में तोडफ़ोड़ से 3-4 लाख का नुकसान

हुब्बल्ली। न्यू गब्बुर स्थित श्री जिन कुशल दादावाड़ी जैन मंदिर में शनिवार देर रात तीन नकाबपोश चोरों ने सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए बड़ी चोरी को अंजाम दिया। भारी मुख्य दरवाजा तोडक़र मंदिर में घुसे चोर तिजोरी से करीब साढ़े तीन लाख रुपए नकद, चार दानपेटियों की राशि, करीब सवा दो किलो चांदी की प्रतिमाएं व सामग्री, तीन चांदी के मुकुट, थाल, कटोरियां और चांदी का नारियल समेत करीब 12 लाख रुपए का सामान लेकर फरार हो गए। चोरी के दौरान मंदिर में तोडफ़ोड़ से 3 से 4 लाख रुपए का अतिरिक्त नुकसान होने का अनुमान है।

वारदात ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। करीब 11 वर्ष पुराने इस मंदिर और पूरे परिसर में 62 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिनमें अकेले मंदिर के भीतर 16 कैमरे हैं। इसके बावजूद चोर आधी रात को मुख्य दरवाजा तोडक़र अंदर पहुंचे, काफी देर तक वारदात की और फरार हो गए। आसपास लगे कैमरों की फुटेज में तीन नकाबपोश संदिग्ध दिखाई दिए हैं। मंदिर परिसर में लगे कई कैमरे खराब पाए गए हैं।

तिजोरी तोड़ी, चार दानपेटियां खंगालीं

चोरों ने आदिनाथ भगवान, दादा गुरुदेव जिनकुशल गुरुदेव, भैरूजी और पद्मावती की प्रतिमाओं के पास रखी चार दानपेटियां तोडक़र नकदी निकाल ली। तिजोरी भी तोड़ दी गई। करीब एक किलो चांदी वाली 24 तीर्थंकरों की छोटी प्रतिमा समेत अन्य चांदी की प्रतिमाएं और सामग्री चोरी हुई है। तीन चांदी के मुकुट, चांदी के थाल, कटोरियां और नारियल भी चोर ले गए।

चोरों ने भगवान सिमंदर स्वामी की प्रतिमा के पैर के अंगूठे में लगी चांदी भी निकाल ली। इसे निकालने के दौरान प्रतिमा का पैर क्षतिग्रस्त हो गया। मंदिर प्रबंधन के अनुसार अन्य प्रतिमाएं सुरक्षित हैं।

भारी दरवाजा तोडक़र घुसे

चोरी शनिवार रात करीब 12 बजे से रविवार तडक़े 3 बजे के बीच होने की आशंका है। चोरों ने भारी मुख्य दरवाजा तोडऩे के लिए किसी भारी औजार या वस्तु का इस्तेमाल किया होगा। अंदर पहुंचने के बाद मंदिर में लगे कैमरों को भी बिखेर दिया गया।

रविवार सुबह करीब 6.15 बजे पुजारी को मंदिर में चोरी और तोडफ़ोड़ का पता चला। सूचना मिलते ही बेंडीगेरी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पूरे परिसर का निरीक्षण किया और डॉग स्क्वॉड की मदद से भी सुराग तलाशे। मंदिर और आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

डेढ़ साल में दूसरी बड़ी चोरी

मंदिर में चोरी की यह पहली वारदात नहीं है। करीब डेढ़ साल पहले भी इसी मंदिर में चोरी हुई थी और चोर नकदी समेत करीब 7.50 लाख रुपए का सामान ले गए थे। पिछली चोरी के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसके बावजूद दोबारा उसी मंदिर को निशाना बनाए जाने से प्रबंधन और श्रद्धालुओं में चिंता बढ़ गई है।

कैमरों की फुटेज से सुराग तलाश रहे

साउथ सब डिवीजन के एसीपी उमेश ने बताया कि मंदिर परिसर में कई कैमरे खराब मिले हैं। उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस जांच कर रही है। जरूरत पडऩे पर विशेष टीम गठित की जाएगी। पुलिस आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।

पुलिस आयुक्त से सुरक्षा मजबूत करने की मांग

श्री जिन कुशल दादावाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष रमेश बाफना ने पुलिस आयुक्त भूषण गुलाबराव बोरसे से फोन पर बात कर घटना की जानकारी दी। उन्होंने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।

कैमरों की संख्या नहीं, निगरानी कितनी मजबूत—बड़ा सवाल

यह वारदात केवल चोरी तक सीमित नहीं है। मंदिर परिसर में 62 कैमरे होने के बावजूद तीन नकाबपोश चोरों का मुख्य दरवाजा तोडक़र अंदर पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़ा करता है। कैमरे तभी सुरक्षा कवच बन सकते हैं, जब वे चालू हों, उनकी नियमित निगरानी हो और संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था हो।

डेढ़ साल पहले चोरी के बाद भी दोबारा मंदिर को निशाना बनाया जाना बताता है कि सुरक्षा की कमियों की नए सिरे से समीक्षा जरूरी है। अब पुलिस के सामने आरोपियों को पकडऩे के साथ यह पता लगाने की चुनौती भी है कि 62 कैमरों की निगरानी के बावजूद सुरक्षा की कौन-सी कड़ी कमजोर थी, जिसका फायदा चोरों ने उठाया।

 

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By Bharat Ki Awaz

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