बल्लारी में रोजगार के अभाव में ग्रामीणों का पलायन शुरू
सूखे के बीच नई योजना का लाभ नहीं मिलने से बढ़ी चिंता
बल्लारी. ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के स्थान पर लागू की गई ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (वीबीजी रामजी) योजना को शुरू हुए 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन बल्लारी जिले में इसका प्रभावी क्रियान्वयन अब तक शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में बारिश की कमी से कृषि कार्य ठप होने के कारण रोजगार की तलाश में ग्रामीण मजदूरों का शहरों की ओर पलायन बढऩे लगा है।
योजना शुरू, लेकिन काम नहीं
जिले के पांच तालुकों की 100 ग्राम पंचायतों में योजना के तहत कार्ययोजनाएं तैयार कर मानव-दिवस सृजन का लक्ष्य रखा गया है। अप्रेल से जून के अंत तक मनरेगा के तहत 35.10 लाख मानव-दिवस सृजित करने का लक्ष्य था, जिसके मुकाबले 16.43 लाख मानव-दिवस ही सृजित हो सके। इसके बाद 1 जुलाई से वीबीजी रामजी योजना लागू कर दी गई। नई योजना में दैनिक मजदूरी 370 रुपए से बढ़ाकर 382 रुपए तथा प्रति परिवार रोजगार की सीमा 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। इसके बावजूद जिले में अब तक अधिकांश स्थानों पर कोई नया कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
सूखे ने बढ़ाई ग्रामीणों की मुश्किलें
मानसून की कमजोर बारिश और जलाशयों में पानी की कमी से जिले में खरीफ की खेती प्रभावित हुई है। वर्षा आधारित और सिंचित दोनों क्षेत्रों में कृषि गतिविधियां लगभग ठप हैं। ऐसे में दिहाड़ी मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है और कई परिवार रोजगार की तलाश में शहरी क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिस योजना से राहत मिलने की उम्मीद थी, वह शुरुआती चरण में ही प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से ठहर गई है।
कागजों तक सीमित तैयारी
वीबीजी रामजी योजना के तहत जिले में जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत ढांचा, आजीविका और जलवायु अनुकूल विकास से जुड़े 318 प्रकार के कार्यों की अनुमति है। करीब 2,000 चल रहे कार्यों के साथ भविष्य में 8,000 नए कार्य शुरू करने की योजना बनाई गई है। हालांकि अब तक केवल 45 मानव-दिवस ही सृजित हो सके हैं। अधिकारियों के अनुसार, स्थानीय स्तर पर तकनीकी दिक्कतें, नई व्यवस्था को लेकर भ्रम और जागरूकता की कमी से योजना की गति प्रभावित हुई है।
अखिल भारतीय किसान कृषि मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष गोविंद ने कहा कि सूखे की स्थिति में योजना को तत्काल प्रभाव से लागू कर ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि पलायन रोका जा सके।
आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त चुकी हैं
मनरेगा के लंबित कार्य पूरे होने के बाद वीबीजी रामजी योजना के कार्य शुरू किए जाएंगे। जिले की सभी 100 ग्राम पंचायतों में प्रस्तावित कार्यों की तैयारी पूरी कर ली गई है और आवश्यक स्वीकृतियां भी प्राप्त हो चुकी हैं।
-मोहम्मद हारिस सुमेर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला पंचायत
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