लो-फ्लोर बसों की कमी से छात्र-छात्राएं और महिलाएं परेशान
ग्रामीण मार्गों पर अतिरिक्त सेवाएं शुरू करने की मांग तेज
उडुपी. कर्नाटक सरकार की नि:शुल्क शक्ति योजना लागू होने के बावजूद उडुपी, मणिपाल और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में केएसआरटीसी की एनयूआरएम (लो-फ्लोर) बसों की कमी से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों, विद्यार्थियों और महिलाओं ने शहर तथा ग्रामीण क्षेत्रों के बीच बस सेवाएं बढ़ाने की मांग की है।
24 बसों से चल रही व्यवस्था
उडुपी जिला मेंगलूरु केएसआरटीसी मंडल के अंतर्गत आता है। मंडल के पास 300 से अधिक बसें होने के बावजूद उडुपी शहरी परिवहन के लिए केवल 24 लो-फ्लोर बसें ही संचालित हो रही हैं। कर्मचारियों और बसों की कमी के कारण छह मार्गों पर सेवाएं बंद पड़ी हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों की बढ़ी परेशानी
पंचनबेट्टु, हिरियडका, अजेकारु, हरिखंडिगे, शिवपुर, सोमेश्वर और नाडपालु जैसे क्षेत्रों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं तथा नौकरीपेशा लोगों को सुबह और शाम के व्यस्त समय में बस नहीं मिलती। निजी बसों में शक्ति योजना का लाभ नहीं मिलने से महिलाओं और विद्यार्थियों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
नए मार्गों की मांग
स्थानीय लोगों ने उडुपी-हिरियडका-अजेकारु, मणिपाल-राजीवनगर-अलेवूर, उडुपी-ब्रह्मावर सहित कई ग्रामीण मार्गों पर अतिरिक्त केएसआरटीसी बसें चलाने की मांग की है।
केएसआरटीसी के मेंगलूरु मंडल के मंडलीय नियंत्रक राजेश ने कहा कि कुछ परमिट उच्च न्यायालय में लंबित होने के कारण विस्तार प्रभावित हुआ है, लेकिन जनता की मांग को देखते हुए शहर और आसपास के क्षेत्रों में बस सेवाएं बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।
ग्रामीण निवासी सदाशिव और कॉलेज छात्रा सुप्रिया ने कहा कि पर्याप्त सरकारी बसें नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों और विद्यार्थियों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सुबह और शाम के समय अतिरिक्त बसें संचालित करने की मांग की है।
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