उत्तर कन्नड़ में मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावितकुमटा-सिद्धापुर राज्य राजमार्ग पर भरा बारिश का पानी।

गोकर्ण महाबलेश्वर मंदिर के गर्भगृह में घुसा पानी

कुमटा-सिद्धापुर राज्य राजमार्ग जलमग्न

कई सडक़ों पर जलभराव से यातायात बाधित

सिरसी/कारवार (उत्तर कन्नड़). उत्तर कन्नड़ जिले के विभिन्न तालुकों में रविवार सुबह से देर रात तक हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। विशेष रूप से सिद्धापुर, होन्नावर और कुमटा तालुकों में भारी बारिश दर्ज की गई। कुमटा तालुक के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल गोकर्ण में लगातार चार घंटे तक हुई तेज बारिश के कारण प्रसिद्ध महाबलेश्वर मंदिर के गर्भगृह में भी पानी प्रवेश कर गया।

समुद्र के ज्वार से बढ़ी समस्या

समुद्र में ऊंची लहरों के कारण संगम नाले का वर्षाजल समुद्र में नहीं समा सका और पानी उल्टी दिशा में बहने लगा। इससे सोमसूत्र नाले का पानी रुक गया और मंदिर के गर्भगृह तक पहुंच गया। मंदिर कर्मचारियों ने पंपसेट की सहायता से पानी बाहर निकाला। साथ ही बाहरी गंदा पानी परिसर में प्रवेश न करे, इसके लिए सोमसूत्र नाले पर अस्थायी गेट भी लगाया गया।

उत्तर कन्नड़ में मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित
गोकर्ण महाबलेश्वर मंदिर के गर्भगृह में घुसा पानी।

सडक़ें जलमग्न, यातायात प्रभावित

तेज बारिश के कारण गोकर्ण स्थित महागणपति मंदिर के सामने की सडक़ तथा मेलेनकेरी मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गए, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय पर नालियों की सफाई नहीं होने से जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई।

उत्तर कन्नड़ में मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित
गोकर्ण स्थित महागणपति मंदिर के सामने जलमग्न सडक़।

इसी तरह कुमटा के कई इलाकों में सडक़ों पर पानी भर जाने से वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। वालगल्ली के समीप कुमटा-सिद्धापुर राज्य राजमार्ग भी जलमग्न हो गया, जिससे यह मार्ग कुछ समय के लिए नाले जैसा दिखाई देने लगा और वाहनों की आवाजाही बाधित रही।

 

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By Bharat Ki Awaz

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