आदित्य की मौत से गांव में पसरा सन्नाटाआदित्य।

पुलिस प्रताडऩा के आरोपों से भडक़ा जनाक्रोश

गरीब परिवार का सहारा छिना, मां के पास बेटे का शव ले जाने तक के पैसे नहीं थे

तीन पुलिसकर्मी निलंबित

बागलकोट/धारवाड़. बागलकोट जिले के बादामी तालुक स्थित बेवूर गांव में युवा छात्र आदित्य मैगेरी की मौत के बाद गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है। पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की कथित प्रताडऩा और अवैध पैसों की मांग से परेशान होकर आदित्य ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।

मां के सपने टूटे, परिवार बेसहारा

आदित्य की मौत से गांव में पसरा सन्नाटा
आदित्य की मां कविता।

आदित्य की मां कविता, जिन्होंने कम उम्र में ही अपने पति को खो दिया था, घरों में काम कर अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही थीं। आदित्य परिवार का सहारा था और पढ़ाई में भी होनहार था। उसकी बहन ने हाल ही में पीयूसी में 76 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। आर्थिक तंगी के बावजूद मां का सपना था कि दोनों बच्चे पढ़-लिखकर बेहतर जीवन जिएं, लेकिन आदित्य की असमय मौत ने सब कुछ छीन लिया।

शव ले जाने के लिए भी नहीं थे पैसे

धारवाड़ में पोस्टमार्टम के बाद आदित्य का शव गांव ले जाने के लिए मां के पास पैसे तक नहीं थे। बेटे की मौत की खबर सुनते ही वह बेटी के साथ सीधे अस्पताल पहुंची थीं। बाद में दोस्तों और रिश्तेदारों की मदद से एंबुलेंस की व्यवस्था कर शव को गांव पहुंचाया गया।

पुलिस पर गंभीर आरोप, तीन कर्मचारी निलंबित

आदित्य की मौत से गांव में पसरा सन्नाटा
निलंबित पुलिसकर्मी।

परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने आदित्य को झूठे मामले में फंसाकर उससे पैसे की मांग की और मानसिक रूप से प्रताडि़त किया। इस मामले में विद्यागिरी पुलिस थाने के तीन कर्मियों—हेड कांस्टेबल चंद्रु नडुविनमनी, किरण डोक्कन्नवर और सैयद तहसीलदार को निलंबित कर दिया गया है।

कानून एवं व्यवस्था की डीसीपी श्रुति ने कहा कि प्रारंभिक जांच के आधार पर तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया है। यदि परिवार की ओर से औपचारिक शिकायत मिलती है तो आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निष्पक्ष जांच और सख्त सजा की मांग

स्थानीय लोगों और परिजनों ने मांग की है कि मामले की पारदर्शी जांच हो और दोषी पुलिसकर्मियों को कड़ी सजा देनी चाहिए। अधिवक्ता शिवानंद कवली ने कहा कि निर्दोष छात्रों को परेशान कर उनसे पैसे वसूलने जैसी घटनाएं गंभीर हैं, संबंधित पुलिसकर्मियों पर आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए।

छात्रों का विरोध प्रदर्शन

घटना के विरोध में छात्र संगठनों ने भी सडक़ पर उतरकर प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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By Bharat Ki Awaz

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